आशापुरा माता मंदिर ठाणे माजीवाड़ा :- ठाणे शहर, जो मुंबई की व्यस्त जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण Part है, वही ठाणे शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है।
इन्हीं में से एक है आशापुरा मंदिर—माजीवाड़ा में स्थित देवी आशापुरा माता का पावन धाम हैं । यह मंदिर न केवल अपनी आध्यात्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि यहाँ का शांत वातावरण भक्तों को मानसिक शांति प्रदान करता है।
इस लेख में, हम इस मंदिर के इतिहास, वास्तुकला, धार्मिक महत्व, और यात्रा से जुड़ी जानकारियों को Detail में जानेंगे।
आशापुरा माता मंदिर ठाणे माजीवाड़ा का इतिहास और पौराणिक महत्व
आशापुरा मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है, मंदिर का निर्माण 1951 में हुआ था इस मंदिर की स्थापना श्री जमुना गिरी बापू द्वारा की गई थी। श्री जमुना गिरी बापू का जन्म जूनागढ़ के उपलेटा गांव में हुआ था। जमुना गिरी बापू बाल ब्रह्मचारी थे उनका पूरा नाम श्री जमुना गिरी गोस्वामी था।
एक बार की बात है बापू शाम को तुंगारेश्वर मंदिर से दर्शन करते हुए पैदल यात्रा पर निकल पड़े कुछ घंटे में रात हो गई और वे जहां से गुजर रहे थे वह जगह यही थी जिसका उस समय नाम Kapurva था।
जहां पहले घाना जंगल हुआ करता था बापू वही विश्राम करने लगे कुछ समय बाद उनको एक तेज रोशनी उनके ओर बढ़ती हुई नजर आई आंखें खुलने पर उन्हें माता आशापुरा ने दर्शन दिए और उन्हें आदेश दिया की यहां अगल-बगल खुदाई करें और माता अदृश्य ( लुप्त ) हो गई ।
वैसे खुदाई का कम ज्यादा नहीं चला और चमत्कार हुआ जैसे उन्होंने सपने में देखा था वैसे ही शेर पर सवार माता की मूर्ति प्रकट हुई फिर 1962 से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक बन गया। और इस मंदिर की स्थापना हुई थी।
तब से लेकर आज तक माता के दरबार से कोई भी भक्त निराश होकर नहीं गया है माता ने हर उसे भक्त की झोली भारी है जिसने सच्चे मन से माता की भक्ति की।
स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, कहा जाता है कि एक ग्रामीण को स्वप्न में देवी माँ ने दर्शन देकर इस स्थान पर मंदिर बनाने का आदेश दिया।
आशापुरा माता के मंदिर से पता चला की यह मंदिर Almost 71 साल पुराना हैं मतलब लगभग भारत के आजाद होने के 4 साल बाद इस मंदिर का निर्माण हुआ था।
Important information Related to Visit आशापुरा माता मंदिर
Location: – Majiwada Kapurbawdi Police Station_Thane West
Entry Fee: – Free
Timing: – Morning: 7:00 AM to 1:00 PM. & Evening: 4:00 PM to 9:00 PM
Parking: – Parking Spaces Not Available, you can Look for Paid Parking, but Public Transport is the Best Option
आशापुरा मंदिर का Entrance और हार फूल Shops
इस मंदिर के द्वार पर आते ही आपको Kapurbawdi Police Station Thane का बोर्ड नजर आएगा जी हाँ यहां Kapurbawdi Police Station हैं।
अंदर जाते ही आपको माता जी का मंदिर दिखाई देगा और उसी के सामने माता को अर्पण करने वाले हर एक वस्तुओं की दुकानें भी हैं। यहां माता के पूजा में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें उपलब्ध है जिसे आप मंदिर में जाने से पहले खरीद सकतें हैं।

यह सभी दुकानें आपको माता के मंदिर के ओर जाते हुए रास्ते में ही नजर आ जाएँगी। आप चाहे तो खुद अपने घर से माता को भोग लगाने के लिए प्रसाद बनाकर ला सकते हैं।
अंदर जाते ही बाई तरफ मुड़कर आपको पीने वाले जल की व्यवस्था नजर आएगी जहां से आप स्वच्छ जल पी सकते हैं और उसी के बगल में आपको दो नल नजर आएंगे जिसकी मदद से आप अपने हाथ पांव स्वच्छ कर माता के दर्शन के लिए आगे बढ़ सकते हैं।
आशापुरा माता के मंदिर को इच्छापूर्ति मंदिर क्यों कहा जाता हैं !
माता के दरबार में आते ही आपको एक विशाल बरगद का पेड़ दिखेगा जहाँ पर लोग अपनी इच्छा पूर्ति के लिए उस पेड़ में धागा बांधते हैं। और बगल में ही आपको गणेश जी की मूर्ति नजर आएगी जैसे की आप जानते हैं की गणेश जी प्रथम पूज्य है तो सबसे पहले उनको नमन करते हुए आप आगे बढ़ेंगे।
मंदिर के सामने माता का त्रिशूल और हवन कुंड भी नजर आएगा , माता की ओर बढ़ते हुए आपको माता के शेर की प्रतिमा के दर्शन होंगे जिनके कानों में आप अपनी इच्छाएं बता सकते हैं।

कतार में आगे बढ़ते हु आपको आशापुरा माता के दर्शन होंगे , माता के दर्शन होने के बाद आप उनके चारों ओर परिक्रमा भी लगा सकते हैं।
लोगों का कहना है की यह पुराना मंदिर हैं और यहाँ पर आये हुए भक्तों की इच्छा माता जरूर पूरा करती हैं। भक्त यहाँ मन्नत माँगने आते हैं और इच्छा पूरी होने पर नारियल, चुनरी, या मिठाई चढ़ाते हैं।
कई लोग उस विशाल बरगद के पेड़ पर धागा बाँधकर अपनी प्रार्थनाएँ समर्पित करते हैं।
श्री सप्त श्रृंगी माता और भोलेनाथ जी के दर्शन
अगर आप आशापुरा मंदिर जाते हैं तो वहाँ पर आप श्री सप्त श्रृंगी माता और भोलेनाथ जी के दर्शन करना न भूलें। जब आप आशा पूरा माता के दर्शन कर लेंगे तो वहाँ पर बाजू में पुलिस स्टेशन की तरफ एक अलग से श्री सप्त श्रृंगी माता और भोलेनाथ जी का मंदिर है।
वहाँ पर भी आपको जरूर जाना चाहिए। यहाँ पर आप भोलेनाथ जी को दूध अथवा जल चढ़ा सकते हैं और माता श्री सप्त श्रृंगी जी की प्रतिमा के दर्शनों का लाभ उठा सकते हैं।

उसके साथ ही आप इस मंदिर की परिक्रमा भी कर सकते हैं।
आशापुरा माता के साथ अन्य देवी और देवताओं के दर्शन
माता आशापुरा के मंदिर के ठीक सामने आपको दो छोटे मंदिर नजर आएंगे जहां आपको गणेश जी , भोलेनाथ जी का शिवलिंग , बजरंगबली की प्रतिमा साइन बाबा की प्रतिमा , श्री चामुंडा माताजी की प्रतिमा , संतोषी माता जी की प्रतिमा , शीतला माता की प्रतिमा ,श्री जलाराम बापूजी की प्रतिमा भी नजर आएगी।

आपको आशापुरा मंदिर ट्रस्ट की ऑफिस के सामने आपको तीन छोटी शिवलिंग के मंदिर नजर आएंगे उससे आगे बढ़ते ही आपको प्राचीन शीतला माता का मंदिर नजर आएगा ।
मंदिर में मिठाई , Bracelet ,नमकीन और फरसन की दुकान
भक्त यहाँ मन्नत माँगने आते हैं और इच्छा पूरी होने पर नारियल, चुनरी, या मिठाई चढ़ाते हैं। इसके साथ ही मंदिर की प्रांगण में आपको कई दुकानें मिल जाएंगी ।
जहां से आप मिठाई , Bracelet ,नमकीन और फरसन बहुत ही अच्छे होते हैं और आप उन्हें सही दामों पर खरीद सकते हैं जो की बेहद ही स्वादिष्ट होते हैं।

यहाँ दुकान के दुकानदार भी आपको हर चीज के बारे में जानकारी देंगे जो आप उनसे जो खरीदना चाहे वह आप अपने हिसाब से खरीद सकते हैं।
Conclusion
आशापुरा माता का मंदिर न सिर्फ़ एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह ठाणे के इतिहास और संस्कृति को जीवंत रखने का प्रतीक है। चाहे आप आस्था के लिए आएँ या शांति की तलाश में, यह मंदिर आपके मन को अवश्य स्पर्श करेगा।
वैसे इस मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगभग हमेशा बना रहा हैं।
यहाँ पर आने के लिए आप Thane रेलवे स्टेशन से ऑटो या बस द्वारा ले सकते हैं जो की आपको 15-20 मिनट में आपको पहुँचा देगा।
कम बजट पर भी आप इस मंदिर में आने की Planning कर सकते हैं। आपको एक बार जरूर Visit करना चाहिए।



