Get Home Loan for Auction Property: – क्या आप जानते हैं? RBI की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 30% नीलामी संपत्तियाँ युवा खरीदार हड़प लेते हैं, मगर लोन न मिलने से 60% Deal Fail हो जाती हैं।
ठीक वैसे ही जैसे मेरे Client राहुल जो कि बैंगलोर में IT प्रोफेशनल है — उन्होंने ऑक्शन में सस्ता फ्लैट खरीदा, पर बैंक ने लोन देने से इनकार कर दिया।
अब आप सोच रहे होंगे की ऐसा क्यों हुआ और आप इससे कैसे बच सकते हैं ? आज बताऊंगा कि नीलामी प्रॉपर्टी के लिए होम लोन पाने का आसान रास्ता
Get Home Loan for Auction Property । नीलामी संपत्ति पर होम लोन लेते वक्त ध्यान देने योग्य बाते !
अगर आपने सोचा कि नीलामी में खरीदी प्रॉपर्टी तुरंत मिल जाएगी… तो जरा ठहरिए! कोर्ट प्रक्रिया में औसतन 18-24 महीने लग ही जाते हैं।
भारत में 40% नीलामी संपत्तियों में कानूनी विवाद चल रहे होते हैं! साल भर की कड़ी मेहनत से जोड़ी गई पूँजी डूबने का खतरा बना रहता है।
रिजर्व बैंक के 2024 डेटा के मुताबिक, भारत में 35% नीलामी होम लोन एनपीए में चले जाते हैं। कारण? खरीदार कागजात की जाँच में कोताही बरतते हैं।
पहले ही दिन वकील से प्रॉपर्टी की लिटिगेशन हिस्ट्री चेक करवाएँ। मेरे अनुभव में 70% युवा यही गलती करते हैं कि सीधे बैंक के दलाल / DSA / CP / Real Estate Agents पर भरोसा कर लेते हैं।
नीलामी प्रॉपर्टी की “सस्ती” कीमत देखकर मत ललचाइए। याद रखें – “जहाँ सस्ता सौदा, वहाँ छिपा होता है झंझट”। मार्केट रेट से 30% कम कीमत अक्सर पेंडिंग लिटिगेशन का संकेत होती है।
CRISIL की 2023 रिपोर्ट बताती है कि 50% खरीदार रिपेयर कॉस्ट का बजट नहीं बनाते।
नीलामी संपत्ति में मौका या मुसीबत !
नेशनल हाउसिंग बैंक के 2024 डेटा के अनुसार, Auction Property मार्केट प्राइस से 20-40% सस्ती मिलती है। पर एक ग्राहक (दिल्ली के इंजीनियर) ने बताया कि उसकी ख़रीदी गई प्रॉपर्टी पर पुराना बैंक लोन था, जिससे कब्ज़ा ही नहीं मिल पाया।

नीलामी संपत्ति के लिए होम लोन में Title Clearance सबसे बड़ी रुकावट। जिसकी जानकरी आपके पास जरूर होनी चाहिए।
बैंक Property की नीलामी आखिर करता क्यों ?
तो सबसे पहले बात करते हो की आप इस नीलामी में कैसे भाग ले सकते हैं और अपने मनपसंद प्रॉपर्टी या प्लॉट को जो भी आप चाहते हैं उसे आधे से भी कम रेट में कैसे अपना बना सकते हैं।
तो सबसे पहले जान लेते हैं की बैंक नीलामी आखिर करता क्यों हैं जब कोई व्यक्ति लोन लेता है और उसके behalf में अपनी प्रॉपर्टी या मकान या दुकान mortgage कर देता है।
और बाद में जब यो व्यक्ति लोन नहीं भर पता है। तब वहीं गिरवी रखी हुई प्रॉपर्टी बैंक Auction कर देती है अपना पैसा रिकवर करने के लिए। इसी वजह से ऐसी प्रॉपर्टी discount में नीलम कर दी जाती हैं।
Auction Property में भाग कैसे लेना चाहिए ?
तो सबसे पहले समझते है कि इस Auction में भाग कैसे लेते है , तो आप कई माध्यम से पता कर सकते हैं इस Auction के बारे में तो चलिए जरा ऐसे Detail में समझते हैं :-
1. Newspaper: – न्यूज़ पेपर के माध्यम से आप इसके बारे में पता कर सकगते है जहाँ पर न्यूज़ पेपर की कटिंग में दिया होता हैं की ऐसा Auction होने वाला है।
2. Bank Visit: – दूसरा आप बैंक जाकर directly जाकर पता कर सकते हैं की किस बैंक का ये Auction है और आप उस बैंक से बात करके उस Auction में participate भी कर सकते हैं।
3. Internet / Online: – और तीसरा अभी के समय में सबसे कारगर तरीका है Internet। जिसके माध्यम से आप Online Website के माध्यम से Information निकाल सकते हो। इन सभी जैसे कई और तरीको से आपको Auction की Detail मिल जाएगी।
Own Contribution Details for Auction Property
आपको Auction में participate करने के लिए प्रॉपर्टी का काम से कम 10% उस बैंक में जमा करना पड़ेगा।
मान लेते की 1,00,00,000 की प्रॉपर्टी है तो आपको उसका 10% यानी ₹10,00,000 DD (Demand Draft) के माध्यम से जमा करना पड़ेगा।
जैसे ही आप ये पैसा जमा कर देंगे दोस्तों, आपको एक Application दे दी जाएगी जिसे हम कहते हैं Bidding Application ।
आपको ये Bidding Application अच्छे से भर करके आपको बक में जमा करनी रहती हैं।
लोन मिलेगा या नहीं? Guide Regarding Eligibility
मेरे अनुभव में 70% युवा ये नहीं जानते कि बैंक Auction Property को “High-Risk” मानते हैं। SBI के 2023 नियम कहते हैं:
- आयु 21-60 साल
- Salary ₹5 लाख/ वर्ष से ज्यादा
- CIBIL स्कोर 750+ होना चाहिए।
वैसे मेरा मानना है… अगर आपने ये ट्राई किया होता तो… क्रेडिट हिस्ट्री ठीक करने में महीने नहीं लगते।
❓ क्या आपकी सैलरी स्लिप और CIBIL स्कोर तैयार हैं?
Step-by-Step आवेदन Process
पहले तो… सभी दस्तावेज़ जुटाना । फिर कोर्ट या बैंक से NOC लेना ज़रूरी है।
एक उदाहरण देखिए: मुंबई की प्रियंका ने ऑक्शन प्रॉपर्टी खरीदी तो उसे “टाइटल डीड” और “पोस्टेशन सर्टिफिकेट” दो महीने लगाकर जमा करना पड़ा।
⚠️ चेतावनी: फर्जी या नकली या सिर्फ लोन लेने के लिए दस्तावेज़ न बनाये और न ही ऐसे दस्तावेज़ बैंक को दिखाए , पता चलने पर कानूनी करवाई या FIR भी हो सकती है!
Customer अक्सर पैन कार्ड और सैलरी स्लिप तो ले आते हैं, पर प्रॉपर्टी की Legal History Details भूल जाते हैं। जैसे कि… बैंक चाहेगा:
- ऑक्शन नोटिस
- कोर्ट की सेल ऑर्डर कॉपी
- म्युनिसिपल टैक्स रसीद
❓ क्या आपके पास ये सभी कागजात मौजूद हैं?
Also Check: – Updated Home Loan Document checklist
गलतियाँ जो 90% युवा कर बैठते हैं
मान लो… आपने प्रॉपर्टी देखी नहीं, सिर्फ ऑनलाइन फोटो पर भरोसा कर लिया। और फिर पता चला कि उसमें कब्ज़ेदार बैठे हैं! ऐसे में लोन रद्द होना तय है।
दूसरी बड़ी दिक्कत: प्रॉपर्टी वैल्यूएशन रिपोर्ट न करवाना। मेरी राय में… बैंक से पहले खुद वैल्यूअर हायर कर लें। वैसे जब आप लोन लेने जाते है तो बैंक वैल्यूएशन तो करता ही हैं पर आपको भी यह ध्यान चाहिए। तो लोन अप्रूवल से पहले प्रॉपर्टी इन्स्पेक्ट करें।
Conclusion
जो प्रॉपर्टी आप लेने जा रहे हैं आप उसके प्रॉपर्टी के पेपर खुद चेक करा लेते है की उस प्रॉपर्टी पे कोई विवाद तो नहीं है जब बैंक ऑक्शन के अलावा कहीं और तो नहीं? इसपे लोन चल रहा है
और उसके साथ साथ मौके पर खुद जाकर उस प्रॉपर्टी को चेक कर लीजिये, वरना बाद में Bank भी जिम्मेदारी नहीं लेगी और कोई पुलिसवाला भी आपकी मदद नहीं करेगा।
तो ये सबसे जरूरी पॉइंट है और ये आपको कोई भी नहीं बताएगा।
Also Read: – Documents Checklist for Home Loan
FAQ’s
Q1: क्या सभी बैंक नीलामी संपत्ति के लिए होम लोन देते हैं?
Ans: – नहीं! SBI, PNB जैसे पब्लिक बैंक्स तो देते हैं, पर प्राइवेट बैंक्स शायद ही अप्लाई करने दें। मेरी राय में… सरकारी बैंक्स चुनें क्योंकि उनके नीलामी संपत्ति लोन के Rules स्पष्ट और क्लियर होते हैं।
Q2: क्यों डाउन पेमेंट ज्यादा लगता है?
Ans: – दरअसल, बैंक्स रिस्क कवर करने के लिए 30-40% डाउन पेमेंट माँगते हैं। मेरे एक्सपीरियंस में… अगर आपका CIBIL 800+ है तो ये 25% तक कम हो सकता है। फिर भी आपको ये बैंक से जरूर कन्फर्म करना चाहिए ।
Q3: कैसे चेक करें प्रॉपर्टी में कानूनी झंझट नहीं है?
Ans: – सबसे पहले… वकील से टाइटल सर्च करवाएँ। फिर कोर्ट रिकॉर्ड्स में प्रॉपर्टी का केस नंबर वेरिफाई करें। वैसे मैं ये करता हूँ—ज़िला रजिस्ट्रार ऑफिस से “एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट” ले लेता हूँ।
वैसे ऐसे समय पर आपको अपने वकील की सलाह जरूरी होता हैं।
Q4: क्या जॉब चेंज करते समय लोन मिल सकता है?
Ans: – हाँ, मगर कंडीशन… नई नौकरी में ज्वाइन होना चाहिए और उसका Confirmation Credit Team लेता हैं या इस चीज का Sanction Condition Mark करता हैं।
जो disbursement से पहले full fill होना चाहिए नहीं तो बैंक वाला Loan रिजेक्ट कर देगा।
Q5: लोन रिजेक्ट हुआ तो क्या करें?
Ans: – पहले तो… Rejection का कारण पूछें। और अगर Rejected Reason का सलूशन है तो File Re-Look करने को कहें और अगर Rejection का कोई सलूशन नहीं है तो मेरा सुझाव है की एक बार अपने Financial Advisor की सलाह से दूसरे बैंक में नई अप्लीकेशन डालें।
Q6: क्या नीलामी संपत्ति पर लोन प्री-अप्रूव्ड मिल सकता है?
Ans: – नहीं, क्योंकि बैंक्स पहले टाइटल सर्च करते हैं। मेरी राय में कन्फर्म बोली जीतने के बाद ही लोन के लिए अप्लाई करें। वरना क्रेडिट स्कोर बेकार खराब होगा।
Q7: अगर प्रॉपर्टी लिटिगेशन में फँसी है तो क्या करूँ?
Ans: – तुरंत अपने वकील से सेक्शन 54 नोटिस चेक करवाएँ। मैंने देखा है कि 60% मामलों में खरीदार स्टे ऑर्डर हासिल करने में कामयाब रहे।
Q8: बैंक वैल्यूएशन कम क्यों करते हैं?
Ans: – नीलामी प्रॉपर्टी को बैंक “हाई-रिस्क एसेट” मानते हैं। स्टेट बैंक की 2024 पॉलिसी के अनुसार, उनकी LTV 60-70% से ज्यादा नहीं होती।
Q9: क्या ऐसी प्रॉपर्टी पर टैक्स बेनिफिट मिलते हैं?
Ans: – हाँ, सेक्शन 80C और 24 के तहत मिलेंगे। पर पहले आयकर विभाग से क्लीयरेंस ले लें, क्योंकि बकाया टैक्स वाली प्रॉपर्टी पर रोक लग सकती है।
Q10: नीलामी प्रॉपर्टी की रिसेल वैल्यू कैसी होती है?
Ans: – मेरे क्लाइंट्स का अनुभव है कि रेगुलर प्रॉपर्टी की तुलना में 15-20% कम मिलती है। पर लोकेशन अच्छी हो तो लॉन्ग टर्म में फायदा हो सकता है।
Q11: सबसे बड़ी गलती जो खरीदार करते हैं?
Ans: – जल्दबाजी ! नीलामी की तारीख से पहले कम से कम दो बार साइट विजिट जरूर करें। बारिश के मौसम में जाएँ ताकि पानी भरने की दिक्कत पता चले।
Also Read: – Documents Checklist for Home Loan



